पटना, 06 अगस्त (पटना डेस्क) भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित भीमनगर एसएसबी चेकपोस्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया गया है। सीमा पार करने वाले प्रत्येक यात्री की अब गहन जांच की जा रही है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए किसी भी व्यक्ति को भारत से नेपाल या नेपाल से भारत आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब मोबाइल फोन में आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र की सॉफ्ट कॉपी दिखाकर नेपाल में प्रवेश नहीं मिल सकेगा। पहले कई यात्री मोबाइल में सेव पहचान पत्र दिखाकर आसानी से सीमा पार कर लेते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। एसएसबी ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक यात्री को आधार कार्ड अथवा मतदाता पहचान पत्र की मूल हार्ड कॉपी अपने साथ रखना अनिवार्य होगा।

इतना ही नहीं, पहचान पत्रों की जांच के साथ अब हर यात्री की आधुनिक तकनीक के जरिए फेस स्क्रीनिंग भी की जा रही है। पहचान और चेहरे का मिलान होने के बाद ही संबंधित व्यक्ति को सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने, संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। सघन जांच प्रक्रिया लागू होने के बाद भीमनगर चेकपोस्ट पर यात्रियों की लंबी कतारें लगने लगी हैं। हर व्यक्ति की विस्तृत जांच और फेस स्क्रीनिंग में समय लगने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

इसका असर सीमा पार व्यापार और दैनिक आवाजाही करने वाले स्थानीय लोगों पर भी दिखाई देने लगा है।यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि भीमनगर चेकपोस्ट पर एसएसबी जवानों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही अतिरिक्त जांच काउंटर और आधुनिक स्कैनिंग मशीनें स्थापित की जाएं, ताकि सुरक्षा से कोई समझौता किए बिना जांच प्रक्रिया को तेज किया जा सके और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। नई व्यवस्था के बाद सीमा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आ रही हैं।













