बक्सर, 04 अगस्त (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर मंगलवार को अपना 17वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और भव्यता के साथ मनाएगा। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह का शुभारंभ बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन वर्चुअल माध्यम से करेंगे और विश्वविद्यालय परिवार को संबोधित करेंगे। समारोह में कृषि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और किसान हितैषी तकनीकों की उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार होंगे, जबकि भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह, अधिष्ठाता, निदेशक, कृषि वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, पूर्व छात्र तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहेंगे।वर्ष 2010 में स्थापित बिहार कृषि विश्वविद्यालय ने बीते 16 वर्षों में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। स्थापना दिवस समारोह के दौरान विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक उपलब्धियों, अनुसंधान नवाचारों, डिजिटल कृषि, कृषि प्रौद्योगिकियों और किसान-केंद्रित योजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। साथ ही भविष्य की विकास योजनाओं और आधुनिक कृषि मॉडल की भी झलक देखने को मिलेगी।

कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा देना नहीं, बल्कि अनुसंधान आधारित तकनीकों को किसानों के खेतों तक पहुंचाकर कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और आधुनिक बनाना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अब तक 53 से अधिक उन्नत फसल किस्में और 79 से अधिक कृषि प्रौद्योगिकियां विकसित कर चुका है, जिनका लाभ बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों के किसान उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय जलवायु अनुकूल खेती, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, कृषि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, डिजिटल कृषि, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण और कृषि स्टार्टअप को भी लगातार बढ़ावा दे रहा है।समारोह को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है तथा सुरक्षा, अतिथि सत्कार, प्रदर्शनी, मीडिया समन्वय और वर्चुअल प्रसारण सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। उल्लेखनीय है कि बीएयू सबौर को एनएएसी (NAAC) से ‘ए’ ग्रेड, आईसीएआर (ICAR) से ‘ए’ ग्रेड मान्यता तथा एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग में भी लगातार स्थान मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक समारोह में सहभागी बनने की अपील करते हुए इसे विकसित बिहार और आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।














