पटना, 30 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया है। विभाग ने 12 राजस्व अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें तीन अधिकारियों के विरुद्ध आरोपपत्र गठित किए गए हैं, जबकि पांच अंचल अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने समेत विभिन्न दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। वहीं चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जनता के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय जानकारी के अनुसार, भू अर्जन कार्यालय मुंगेर के राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो अरविंद कुमार, राघोपुर (वैशाली) के अंचल अधिकारी दीपक कुमार तथा बिस्फी (मधुबनी) की तत्कालीन अंचल अधिकारी वंदना कुमारी के खिलाफ विभागीय आरोपपत्र गठित किए गए हैं। इन मामलों में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं और विभागीय नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। इसके अलावा गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल, एकमा (सारण) के अंचल अधिकारी अमलेश कुमार, गोह (औरंगाबाद) के तत्कालीन अंचल अधिकारी विश्वजीत नीलांकर, औरंगाबाद के तत्कालीन अंचल अधिकारी अंशु कुमार सिंह तथा कल्याणपुर (समस्तीपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजन कुमार की वेतन वृद्धि रोकने सहित अन्य विभागीय कार्रवाई की गई है।

वहीं रामनगर (पश्चिम चंपारण) के तत्कालीन अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा, कुढ़नी (मुजफ्फरपुर) के तत्कालीन अंचल अधिकारी रणभू ठाकुर, हाजीपुर (वैशाली) की तत्कालीन अंचल अधिकारी अंजली कुमारी और सासाराम के तत्कालीन अंचल अधिकारी सुधीर कुमार ओंकारा के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी है। मंत्री डॉ. जायसवाल ने बताया कि पिछले दो महीनों में विभाग भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज में अनियमितता, सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और विभागीय निर्देशों की अवहेलना जैसे मामलों में 82 अधिकारियों एवं कर्मियों पर कार्रवाई कर चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग में जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व व्यवस्था को पूरी तरह जवाबदेह, भ्रष्टाचारमुक्त और जनहितैषी बनाना है।













