पटना, 30 जुलाई (अविनाश कुमार) जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और कथित रूप से पुलिस द्वारा उठाए जाने की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार देर रात पार्टी संयोजक प्रशांत किशोर बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जक्कनपुर थाना पहुंच गए। यहां थाना प्रभारी (एसएचओ) रितुराज सिंह से उनकी तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक नोकझोंक चलती रही, जिससे थाने का माहौल तनावपूर्ण हो गया। थाने के बाहर भी समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई।प्रशांत किशोर ने पुलिस पर जन सुराज के कई कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण थाने लाने और दो कार्यकर्ताओं के कथित रूप से गायब होने का आरोप लगाया। उन्होंने एसएचओ से सवाल किया कि यदि कार्यकर्ताओं ने कोई अपराध नहीं किया है तो उन्हें थाने क्यों लाया गया और वे अब कहां हैं।

उनका दावा था कि दोनों कार्यकर्ताओं की आखिरी तस्वीर जक्कनपुर थाने की है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यदि थाने से लोग गायब होते हैं तो इसकी जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिहार में पुलिस राज चल रहा है। वहीं, एसएचओ रितुराज सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी को जबरन उठाकर नहीं लाया गया है और पुलिस पूरी तरह कानून के अनुसार अपनी ड्यूटी निभा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसी के दबाव में काम नहीं करते हैं। एसएचओ ने यहां तक कहा कि यदि थाने में आकर इस तरह दबाव बनाने या धमकी देने की कोशिश की जाएगी तो वह नौकरी या वर्दी छोड़ने तक को तैयार हैं।

इस पर प्रशांत किशोर ने जवाब दिया कि उनका उद्देश्य किसी को धमकाना नहीं, बल्कि बिहार की जनता को पुलिस का रवैया दिखाना है। उन्होंने कहा कि वर्षों से एक-दूसरे को जानने के बावजूद यदि थाने से लोग गायब होने जैसे आरोप सामने आते हैं तो पुलिस को इसका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। देर रात तक थाने में गहमागहमी का माहौल बना रहा और पुलिस-प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए रहा। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।













