समस्तीपुर, 25 जुलाई (हर्षिता “अश्क”) बिहार बंद के आह्वान पर शनिवार को समस्तीपुर जिला मुख्यालय आंदोलन का केंद्र बना रहा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही पटेल गोलंबर पर जुटकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर और लेटकर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह चरमरा गई। कई वाहन लंबे समय तक फंसे रहे, जबकि राहगीरों और वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा।बंद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पटेल गोलंबर सहित आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

पुलिस पदाधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे। हालांकि पूरे प्रदर्शन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही और किसी तरह की हिंसक घटना सामने नहीं आई।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। “नरेंद्र मोदी हाय-हाय”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन में शामिल रौशन यादव ने आरोप लगाया कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के लिए सरकार पुलिसिया दमन का सहारा ले रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नेता गंगा प्रसाद पासवान ने हाल के छात्र आंदोलनों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक पहल से होना चाहिए, न कि बल प्रयोग से। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और आंदोलनों पर दमनात्मक कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।














