पटना, 25 जुलाई (अविनाश कुमार) राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर शनिवार को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतर आए। रामगुलाम चौक पर धरना दे रहे छात्रों के बीच पहुंचे तेज प्रताप को पुलिस ने कुछ ही देर बाद हिरासत में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने पुलिस वाहन का दरवाजा पकड़ते हुए कहा कि वह छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनके इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन में शामिल होने से पहले तेज प्रताप यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।उधर, NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में वामपंथी छात्र संगठनों ने भी राज्यव्यापी बिहार बंद का समर्थन किया। कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुई।

राजधानी पटना में कुछ स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे तनाव का माहौल बना रहा।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बंद का राज्यभर में मिला-जुला असर देखने को मिला। नालंदा, नवादा, जहानाबाद और रोहतास जैसे जिलों में जनजीवन सामान्य रहा, जबकि पटना में प्रदर्शन सबसे अधिक प्रभावी रहा। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी जारी रखी।













