पटना, 21 जुलाई (अविनाश कुमार) राजधानी पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र से साइबर ठगी का ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने मोबाइल उपयोगकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। त्रिपोलिया अस्पताल स्थित कथकतल के समीप रहने वाले महेंद्र मिस्त्री के बैंक खाते से महज छह सेकेंड की एक फोन कॉल के दौरान 91 हजार रुपये उड़ा लिए गए। पीड़ित ने जैसे ही अज्ञात नंबर से आई कॉल रिसीव कर “हेलो” कहा, कुछ ही क्षण बाद कॉल कट गई और देखते ही देखते उनके खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पूरी रकम निकाल ली गई।जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर महेंद्र मिस्त्री अपने किराये के मकान में मौजूद थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। उन्होंने सामान्य तरीके से कॉल उठाकर “हेलो” कहा, लेकिन दूसरी तरफ से कोई स्पष्ट आवाज नहीं आई।

करीब छह सेकेंड बाद कॉल अपने आप कट गई। शुरुआत में उन्हें यह सामान्य कॉल लगी, लेकिन कुछ ही पल बाद मोबाइल पर बैंक से आए दो मैसेज देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। संदेश में खाते से कुल 91 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी थी।घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और साइबर पुलिस पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही साइबर पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ कि इसी नंबर के खिलाफ पहले से ही साइबर ठगी के दो अन्य मामले दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि यह नंबर लंबे समय से लोगों को निशाना बनाने वाले गिरोह के इस्तेमाल में रहा है।

साइबर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ऐसे संदिग्ध नंबरों को तत्काल ब्लॉक नहीं किया जाता। तकनीकी जांच के लिए उन्हें कुछ समय तक सक्रिय रखा जाता है, ताकि कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके। अनुसंधान पूरा होने के बाद आमतौर पर डेढ़ से दो महीने के भीतर ऐसे नंबरों को स्थायी रूप से बंद करा दिया जाता है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन छानबीन में जुटी है और लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल पर सतर्क रहें। यदि किसी संदिग्ध कॉल के बाद बैंक खाते से लेन-देन का संदेश मिले तो तुरंत बैंक, साइबर हेल्पलाइन और पुलिस को सूचना दें।















