पटना, 11 जुलाई (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में शुक्रवार देर शाम उस समय हलचल तेज हो गई, जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर एक बड़ा राजनीतिक दावा कर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार अधिक दिनों तक नहीं टिकेगी और राज्य में जल्द ही राजनीतिक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उनके इस बयान के बाद सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उन्होंने पहले भी राजनीतिक बदलाव की भविष्यवाणी की थी और अब वही स्थिति बनती दिखाई दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच सब कुछ सामान्य नहीं है।

हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की, जिससे उनके बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।गौरतलब है कि तेज प्रताप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर एनडीए की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, संजय झा समेत भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के वरिष्ठ नेताओं तथा विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय, विकास योजनाओं की समीक्षा और आगामी राजनीतिक रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिलों से प्राप्त फीडबैक की समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

गठबंधन नेताओं ने संगठन को और मजबूत बनाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।इसी बीच भाजपा ने पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार में बदलाव करते हुए अभिषेक कुमार सिन्हा बंटी की जगह नीरज कुमार सिन्हा को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस फैसले ने भी सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी। हालांकि तेज प्रताप यादव के दावों पर एनडीए के किसी बड़े नेता की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन बयानों, उपचुनाव और गठबंधन की गतिविधियों को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर सभी दलों की नजर टिकी हुई है।













