पटना, 06 जुलाई (पटना डेस्क) लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा दांव चलते हुए मिशन-2027 का आगाज कर दिया। लखनऊ में पहली बार आयोजित लोजपा संस्थापक रामविलास पासवान की 80वीं जयंती पर आयोजित नव संकल्प सभा में चिराग ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का दावा कर सियासी हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। प्रदेशभर से पहुंचे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता का उत्तर प्रदेश से गहरा और भावनात्मक रिश्ता रहा है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए पार्टी अब यूपी में अपनी मजबूत राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घोषणा से एनडीए के भीतर भी भविष्य की चुनावी रणनीति को लेकर नई हलचल तेज हो सकती है। सभा के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद पासवान ने “पंडित, पासी और पासवान” का नारा देकर सोशल इंजीनियरिंग का नया समीकरण पेश किया। इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नए सामाजिक गठजोड़ की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।करीब 27 मिनट के अपने संबोधन में चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान और आरक्षण खत्म होने का भ्रम फैलाकर दलित समाज को गुमराह किया जाता है।

उनके अनुसार जाति और संप्रदाय के नाम पर समाज को बांटकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की गई है। चिराग ने कहा कि बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के सम्मान के लिए सबसे पहले उनके पिता रामविलास पासवान ने संसद के सेंट्रल हॉल में उनकी तस्वीर लगवाने की पहल की थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक वह राजनीति में हैं, संविधान और आरक्षण को कोई खतरा नहीं होने देंगे। कार्यक्रम में जमुई सांसद अरुण भारती, अश्वनी श्रीवास्तव, लोकेश श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

















