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खाद के लिए लाइन खत्म: बिहार में QR कोड से मिलेगी उर्वरक, घर बैठे होगी बुकिंग, किसानों को बड़ी राहत

पटना, 19 जून (अविनाश कुमार) बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत और कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो गई है। अब किसानों को खाद खरीदने के लिए दुकानों के बाहर घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार सरकार ने QR कोड आधारित ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग एवं वितरण प्रणाली लागू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए वैशाली और शेखपुरा जिलों का चयन किया गया है। नई व्यवस्था के लागू होते ही किसानों में उत्साह देखा जा रहा है।18 जून से शुरू हुई इस प्रणाली के तहत किसान अपने मोबाइल फोन से घर बैठे उर्वरक की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग पूरी होने के बाद उन्हें एक यूनिक QR कोड जारी किया जाएगा।

इसी QR कोड के आधार पर किसान तीन दिनों के भीतर अपने चयनित उर्वरक विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस नई व्यवस्था से खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर प्रभावी रोक लगेगी। साथ ही दुकानों पर लगने वाली भीड़ और अव्यवस्था भी खत्म होगी। किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित नहीं होंगे।जिला प्रशासन ने बताया कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनी हुई है, वे आधार नंबर या फार्मर आईडी के माध्यम से आसानी से लॉगिन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

वहीं बटाईदार किसानों, फार्मर आईडी से वंचित किसानों तथा मठ-मंदिर, पूर्वजों या संस्थागत भूमि पर खेती करने वालों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। स्मार्टफोन नहीं रखने वाले किसान कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), वसुधा केंद्र, पैक्स प्रतिनिधि, किसान सलाहकार या कृषि समन्वयक की मदद से उर्वरक बुक करा सकते हैं। योजना के पहले ही दिन 200 से अधिक किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग कर नई तकनीक पर भरोसा जताया है।प्रशासन ने किसानों से आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय रखने और OTP किसी के साथ साझा नहीं करने की अपील की है। यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है, तो भविष्य में इसे पूरे बिहार में लागू किया जा सकता है।

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