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नेपाल में गूंजा डुमरांव के शिक्षक का नाम, अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. मनीष कुमार शशि को मिला उत्कृष्ट शिक्षा सम्मान

बक्सर, 18 जून (विक्रांत) शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और विद्यार्थियों के हित में किए जा रहे नवाचारों के लिए बक्सर जिले के डुमरांव निवासी शिक्षक डॉ. मनीष कुमार शशि को नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित भारत-नेपाल शिक्षा सम्मेलन सह अंतरराष्ट्रीय उत्कृष्ट शिक्षा पुरस्कार समारोह में सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू के कानून विभाग सभागार में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह का आयोजन भारत और नेपाल के बौद्धिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

समारोह में शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। डॉ. मनीष कुमार शशि को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान त्रिभुवन विश्वविद्यालय के डीन प्रो. (डॉ.) डी.एन. पराजुली, नेपाल के चीफ ऑफ लीगल एजुकेशन डॉ. लक्ष्मी प्रसाद मैनाली, पटना लॉ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वाणी भूषण, शिक्षाविद् डॉ. गुरु रहमान, टीएफएम शिक्षक ऑनलाइन ग्रुप के संस्थापक डॉ. सुरेश, संयोजक डॉ. एस.के. पाण्डेय, अंजू कुमारी एवं अमर जायसवाल सहित कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

ऑनलाइन माध्यम से गणितविद् डॉ. के.सी. सिन्हा और एससीईआरटी के संजय कुमार ने भी शुभकामनाएं दीं। डॉ. मनीष कुमार शशि इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित किए जा चुके हैं। वे जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में निस्वार्थ भाव से सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देना, नवाचारी शिक्षण विधियों को अपनाना तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता रही है। शिक्षाविद् डॉ. गुरु रहमान ने कहा कि बदलती शिक्षा व्यवस्था में डॉ. मनीष जैसे शिक्षक ही भविष्य के मार्गदर्शक हैं। सम्मान मिलने पर डॉ. मनीष ने इसे अपने विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि यह पुरस्कार सम्मान के साथ-साथ नई जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है। बक्सर जिले के कई शिक्षाविदों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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