समस्तीपुर, 15 जून (हर्षिता “अश्क”) जिले के बंद पड़े प्रमुख उद्योगों और दूधपूरा हवाई अड्डे को चालू कराने की मांग को लेकर सोमवार को जिला विकास संघर्ष मोर्चा के बैनर तले समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर विकास की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए रोजगार सृजन और औद्योगिक पुनरुद्धार की मांग बुलंद की। सरकार बस स्टैंड से निकला विशाल जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा।


इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बंद पड़े दूधपूरा हवाई अड्डा के जीर्णोद्धार, समस्तीपुर चीनी मिल और ठाकुर पेपर मिल को पुनः चालू करने तथा मुक्तापुर स्थित रामेश्वर जूट मिल के विकास और नियमित संचालन की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक समाहरणालय परिसर के बाहर प्रदर्शन जारी रहा। समाहरणालय द्वार पर आयोजित सभा की अध्यक्षता मोर्चा के शंकर प्रसाद साह ने की। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले के प्रमुख उद्योग वर्षों से बंद पड़े हैं, जिससे हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण जिले का औद्योगिक विकास ठप पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि इन उद्योगों को पुनर्जीवित किया जाए तो न केवल स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि जिले की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। सभा के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर समाहर्ता को पांच सूत्री मांग पत्र सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। मोर्चा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में विभिन्न राजनीतिक दलों, ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। आंदोलनकारियों ने एक स्वर में कहा कि समस्तीपुर के विकास और रोजगार के मुद्दे पर अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा।














