पटना, 11 जून (पटना डेस्क) खरीफ फसल की तैयारी में जुटे किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भोजपुर जिले में उर्वरक की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जारी आदेश के बाद जिले के सभी थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को खाद की बिक्री बंद करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले से किसानों और उर्वरक कारोबारियों के बीच हलचल मच गई है।जानकारी के अनुसार कृषि विभाग, बिहार द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में मिले निर्देशों के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।

केंद्र सरकार उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए नया डिजिटल ऐप लॉन्च करने जा रही है। संभावना है कि यह ऐप 15 जून को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद किसानों को इसी प्रणाली के माध्यम से उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।जिला कृषि पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि नया ऐप लागू होने तक जिले में उपलब्ध उर्वरकों की सामान्य बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में संबंधित प्रखंड कृषि पदाधिकारी की अनुशंसा पर खाद बिक्री की अनुमति दी जा सकती है।

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति किसी भी विक्रेता द्वारा उर्वरक की बिक्री किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा उर्वरक बिक्री और वितरण की निगरानी डीबीटी फर्टिलाइजर ऐप के माध्यम से पहले से की जा रही है। इस आदेश की प्रति जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं, पैक्स, व्यापार मंडलों, प्रखंड कृषि पदाधिकारियों तथा अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों को भेज दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ाने और कालाबाजारी पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। गौरतलब है कि उर्वरकों पर सरकार भारी सब्सिडी देती है, लेकिन कई बार किसानों को कृत्रिम कमी और कालाबाजारी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नई व्यवस्था से खाद वितरण प्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

















