नई दिल्ली, 11 जून (अशोक “अश्क) देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, तो दूसरी ओर अनेक राज्यों में तेज बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगामी दिनों को लेकर कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। इसके चलते कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बदल सकता है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की घटनाओं में भी वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।

आईएमडी के मुताबिक उत्तराखंड में 11 से 16 जून तक विभिन्न स्थानों पर वर्षा की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसी अवधि में हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भी बारिश होने के आसार हैं। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान में भी व्यापक वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। उधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों के दौरान मानसून मध्य अरब सागर के और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।

इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के शेष भागों में भी मानसून के पहुंचने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी में भी मानसूनी गतिविधियां मजबूत होती दिखाई दे रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मानसून के प्रवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। यदि वर्तमान मौसमीय स्थिति बरकरार रही तो इन राज्यों में जल्द ही मानसून की औपचारिक दस्तक हो सकती है।मौसम विभाग ने किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों से मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने की अपील की है।


















