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बिहार की धरती पर विदेशी फलों का चमत्कार: सिवान के किसान ने उगाए सेब, एवोकाडो और ड्रैगन फ्रूट, देखने को उमड़ रही भीड़

पटना, 10 जून (पटना डेस्क) बिहार की मिट्टी में जहां पारंपरिक खेती को ही सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है, वहीं सिवान जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड के प्रगतिशील किसान अरुण कुमार ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और वैज्ञानिक सोच से खेती की दुनिया में नई मिसाल कायम कर दी है। करीब 25 वर्ष पहले नाशपाती की खेती से शुरुआत करने वाले अरुण कुमार आज अपने दो एकड़ के बगीचे में सेब, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, स्ट्रॉबेरी, अंजीर, चेरी और स्टार फ्रूट जैसे विदेशी एवं दुर्लभ फलों की सफल खेती कर रहे हैं।उनका बगीचा अब पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन चुका है।

यहां पहुंचने वाले लोग एक ही परिसर में नाशपाती, हरमन-99 और अन्ना किस्म के सेब, पीले व गुलाबी ड्रैगन फ्रूट, व्हाइट एप्पल, थाई एप्पल, कश्मीरी थाई एप्पल, माल्टा, लाल आंवला और एवोकाडो जैसे फलों को देखकर हैरान रह जाते हैं। जिन फलों को बिहार की जलवायु के अनुकूल नहीं माना जाता, उन्हें अरुण कुमार ने लगातार प्रयोग और वैज्ञानिक तकनीकों के सहारे सफलतापूर्वक उगाकर सबको चौंका दिया है।अरुण कुमार बताते हैं कि बागवानी का जुनून उन्हें अपने पिता स्वर्गीय अनिरुद्ध प्रसाद से विरासत में मिला। उनके पुत्र सत्यम देव, जिन्होंने एमएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई की है, भी इस कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

पांच नाशपाती के पेड़ों से हर वर्ष 2 से 4 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हो रहा है। स्थानीय शिक्षक विनय कुमार सिंह के अनुसार, अरुण कुमार का बगीचा आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है। उनका मानना है कि सही जानकारी, धैर्य और वैज्ञानिक तकनीक अपनाकर बिहार की मिट्टी में भी नई और लाभकारी फसलों की खेती संभव है।

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