पटना, 09 जून (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में मंगलवार को उस वक्त बयानबाजी का तूफान खड़ा हो गया, जब दिल्ली से पटना लौटे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा, “सम्राट चौधरी की सोच में कोई बदलाव नहीं आया है। वे मुख्यमंत्री भले बन गए हों, लेकिन चीफ मिनिस्टर नहीं, ‘चीप मिनिस्टर’ हैं।” तेजस्वी के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के पास बिहार के विकास के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है और सरकार जनहित के बजाय विवादों पर फोकस कर रही है। लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती और आवास विवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अपनी नीतिगत विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार अयोग्य और संदिग्ध लोगों को सरकारी खर्च पर सुरक्षा और आवास बांट रही है। उन्होंने कहा, “सुविधाएं रेवड़ी की तरह बांटी जा रही हैं, इसके लिए कोई स्पष्ट मानक नहीं है। ”वहीं, जदयू ने तेजस्वी के हमलों का करारा जवाब दिया। डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव ने पलटवार करते हुए कहा, “वह नौवीं फेल है, ज्ञान के अभाव में बहुत सी बातें बोलते रहता है। हम उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते।” उन्होंने कहा कि तेजस्वी तथ्यों के बिना बयानबाजी कर रहे हैं और सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।राज्य के खजाने के खाली होने के आरोप पर भी विजेंद्र यादव ने तेजस्वी को घेरा।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार आर्थिक रूप से सक्षम है और विकास कार्य लगातार जारी हैं। इससे पहले तेजस्वी ने दावा किया था कि बिहार का खजाना खाली हो चुका है और कर्मचारी, किसान, व्यापारी, छात्र, नौजवान तथा शिक्षक सभी मौजूदा सरकार से परेशान हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार, अपराध, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा।बिहार विधानसभा चुनावों से पहले दोनों पक्षों के बीच यह जुबानी जंग अब और तेज होने के संकेत दे रही है।

















