पटना, 02 जून (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी रणनीति के तहत बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने छह जून को प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में राज्य के सभी जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। बैठक को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है, क्योंकि इसमें संगठन विस्तार और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर अहम फैसले लिए जाने की संभावना है।

बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम करेंगे। प्रदेश नेतृत्व के साथ पार्टी प्रभारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे और जिला अध्यक्षों को संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश देंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक आने वाले दिनों में कांग्रेस की राजनीतिक सक्रियता और जनाधार विस्तार की दिशा तय करेगी।प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि बैठक में संगठन सृजन साथी अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। अभियान के तहत नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने, संगठन का दायरा बढ़ाने तथा बूथ स्तर तक कांग्रेस की संरचना को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

बैठक में जिला अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्रों की संगठनात्मक स्थिति से प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराएंगे। साथ ही अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों और संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। प्रदेश नेतृत्व जिला इकाइयों से सुझाव लेकर संगठन विस्तार की नई कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके अलावा आगामी जनसंपर्क अभियानों, राजनीतिक कार्यक्रमों और पार्टी की रणनीतिक गतिविधियों पर भी मंथन किया जाएगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में मजबूत संगठन ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों की नजर भी इस बैठक पर टिकी हुई है, क्योंकि इसे कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन और आगामी चुनावी तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ऐसे में सदाकत आश्रम में होने वाली यह बैठक केवल औपचारिक नहीं, बल्कि बिहार कांग्रेस की भावी रणनीति तय करने वाला बड़ा राजनीतिक मंच साबित हो सकती है।














