नालंदा, 02 जून (अविनाश पांडेय) नालंदा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बनाने के लिए जिले के चार प्रखंडों में पांच नए पावर सब स्टेशन (पीएसएस) का निर्माण युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इनमें नगरनौसा प्रखंड के भोभी में बन रहा पावर सब स्टेशन लगभग तैयार हो चुका है और यहां से जल्द ही बिजली आपूर्ति शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा रहुई प्रखंड के सोसंदी और ढिबरापर, नूरसराय के रतनपुरा तथा हरनौत के छतियाना में निर्माणाधीन चार अन्य पावर सब स्टेशन भी इस वर्ष के अंत तक चालू हो जाएंगे। निर्माण स्थलों पर चहारदीवारी, फाउंडेशन और विद्युत संरचना से जुड़े कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

विभाग को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। बिजली कंपनी सभी नए और पुराने पावर सब स्टेशनों को अत्याधुनिक रिंग सिस्टम से जोड़ रही है। इस तकनीक के तहत प्रत्येक पीएसएस को दो अलग-अलग ग्रिड से बिजली आपूर्ति मिलेगी। किसी एक ग्रिड में तकनीकी खराबी या ब्रेकडाउन होने पर दूसरे ग्रिड से तुरंत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में घंटों तक बिजली गुल रहने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।निर्माणाधीन प्रत्येक पावर सब स्टेशन की क्षमता 20 एमवीए निर्धारित की गई है। प्रत्येक केंद्र पर 10-10 एमवीए के दो पावर ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं।

पांचों पीएसएस के शुरू होने के बाद जिले की कुल बिजली आपूर्ति क्षमता में लगभग 100 एमवीए की वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ गर्मी के मौसम और पीक आवर के दौरान उपभोक्ताओं को मिलेगा। वहीं तेतरावां, कतरीसराय, वादी और घोसरावां क्षेत्रों को भी बड़ी राहत मिलने वाली है। तेतरावां को अब शेखोपुरसराय ग्रिड के बजाय बिहारशरीफ के बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जोड़ने के लिए बिजवनपर से तेतरावां तक 14 किलोमीटर लंबी 33 केवी लाइन बिछाई जा रही है, जिसका कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने बताया कि सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं में भारी कमी आएगी तथा ग्रामीण उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।















