नालंदा, 02 जून (अविनाश पांडेय) अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत कर्ज लेकर वर्षों से बकाया रखने वाले लाभुकों की अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। ऋण वसूली प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाने के लिए बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम ने रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम को बकाया ऋण वसूली अभियान में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक रोजगार ऋण योजना, एनएमडीएफसी टर्म लोन योजना तथा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक शिक्षा ऋण योजना के तहत वितरित ऋण की वसूली के लिए यह पहल की जा रही है।

इस संबंध में निगम मुख्यालय, पटना द्वारा सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि रिकवरी एजेंट के रूप में कार्य करने के इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित प्रपत्र में आवेदन और बायोडाटा आमंत्रित किए गए हैं। जिला कार्यालय में प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद उन्हें अनुशंसा के साथ 6 जून तक बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम, पटना भेजा जाएगा। अंतिम चयन निगम स्तर पर किया जाएगा। निगम द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मैट्रिक, इंटर, स्नातक और स्नातकोत्तर उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र होंगे। वहीं ऋण वसूली कार्य का पूर्व अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।

इससे अनुभवी लोगों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।बहाली प्रक्रिया की एक महत्वपूर्ण शर्त के तहत चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण करने से पहले 20 हजार रुपये सुरक्षा जमा राशि के रूप में निगम के पास जमा करनी होगी। इसके अलावा आवेदकों को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल, जन्म तिथि, आधार संख्या समेत सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी। शैक्षणिक योग्यता और अनुभव से संबंधित प्रमाण-पत्रों की छायाप्रति भी आवेदन के साथ संलग्न करनी होगी।विभागीय अधिकारियों का मानना है कि रिकवरी एजेंटों की नियुक्ति से बकाया ऋण की वसूली में तेजी आएगी। इससे सरकारी योजनाओं के तहत वितरित धनराशि की वापसी सुनिश्चित होगी और भविष्य में जरूरतमंद लाभुकों को नई ऋण सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता भी आसान बनेगा।
















