पटना, 30 मई (पटना डेस्क) मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में आयोजित उपनयन समारोह के दौरान हथियार लहराने के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह एवं उनके समर्थकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच गोपालगंज पुलिस से हटाकर अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) को सौंप दी है। इस निर्णय के साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है। जानकारी के अनुसार, सेमराव गांव निवासी गुड्डू राय के घर दो और तीन मई को उपनयन संस्कार का आयोजन किया गया था।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। इसी दौरान विधायक अनंत सिंह तथा उनके समर्थकों पर सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगा था। घटना के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरगंज थाना में चार मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए विधायक अनंत सिंह और उनके समर्थकों को नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन्हें 15 मई को हथियारों के साथ मीरगंज थाना में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया था। हालांकि तय तिथि पर न तो विधायक पहुंचे और न ही उनके समर्थक थाना में उपस्थित हुए। इस बीच मामले को लेकर न्यायालय में भी सुनवाई जारी है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील और चर्चित होने के कारण पुलिस मुख्यालय ने जांच को निष्पक्ष एवं व्यापक बनाने के उद्देश्य से सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया है। अब सीआईडी की विशेष टीम पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करेगी। जांच के दौरान वायरल वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, केस डायरी सहित सभी आवश्यक अभिलेख सीआईडी को उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए।जिले में इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सभी की निगाहें अब सीआईडी की जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हैं।

















