नालंदा, 16 मई (अविनाश पांडेय) पौराणिक राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर नालंदा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शनिवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने राजगीर पहुंचकर मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल भी कराई गई, जिसमें आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया।

राजकीय मलमास मेला 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा। प्रशासन के अनुसार इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु राजगीर पहुंचकर ब्रह्मकुंड में आस्था की डुबकी लगाएंगे। खासकर शाही स्नान के दिनों में 2 से 2.5 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। पहली शाही स्नान 27 मई, दूसरी 31 मई और तीसरी 11 जून को होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मेला क्षेत्र में 950 दंडाधिकारी, 530 पुलिस पदाधिकारी, 100 होमगार्ड और घुड़सवार पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी 550 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।

श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 14 आवासन स्थल तैयार किए गए हैं, जिनमें जर्मन हैंगर और वाटरप्रूफ पंडाल शामिल हैं। स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में वीआईपी टेंट सिटी सहित लगभग 6000 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। भीषण गर्मी को देखते हुए मिस्ट कूलर, पेयजल, पंखे, रोशनी और शौचालय की विशेष व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में 300 प्याऊ, 1000 से अधिक शौचालय, 25 दीदी की रसोई, 8 अस्थायी अस्पताल, 18 स्वास्थ्य शिविर और 16 एंबुलेंस तैनात रहेंगे। अग्निशमन के लिए 30 फायर टेंडर और 250 कर्मियों की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि मलमास मेला नालंदा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जिसे सुरक्षित और श्रद्धालु अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से काम कर रहा है।


















