गोरखपुर, 16 मई (अंकित यादव) गोरखनाथ मंदिर स्थित दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार शनिवार की सुबह एक बार फिर आम जनता की उम्मीदों का केंद्र बन गया। यहां आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित समाधान का भरोसा दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का संवेदनशील और सख्त दोनों रूप देखने को मिला। मुख्यमंत्री खुद लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर प्रार्थना पत्र अपने हाथों से लिया। इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगने पहुंचे कई परिवारों की व्यथा सुनकर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब परिवारों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। जनता दर्शन में एक महिला ने अपने बीमार बच्चे के इलाज और आयुष्मान कार्ड नहीं होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “चिंता मत करिए, बच्चे का इलाज जरूर होगा।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला का आयुष्मान कार्ड तुरंत बनवाया जाए और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इलाज से जुड़े मामलों में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मेडिकल एस्टीमेट की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को समय पर मदद पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

वहीं अपराध, दबंगई और जमीन कब्जे की शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने साफ कहा कि भू-माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जनता दर्शन में कई महिलाएं छोटे बच्चों को लेकर भी पहुंची थीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारते हुए चॉकलेट दी और आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री के व्यवहार और त्वरित फैसलों की सराहना की। गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन एक बार फिर लोगों के लिए भरोसे और राहत का मंच बनकर उभरा।

















