पटना, 12 मई (पटना डेस्क) बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता बागी कुमार वर्मा का मंगलवार को दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया। 77 वर्षीय बागी कुमार वर्मा लंबे समय से बीमार चल रहे थे और पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही जहानाबाद, अरवल समेत पूरे राजनीतिक गलियारे में शोक की लहर दौड़ गई। मखदुमपुर प्रखंड के झमन बिगहा गांव निवासी बागी कुमार वर्मा बिहार की राजनीति में एक सशक्त समाजवादी चेहरे के रूप में जाने जाते थे।

उन्होंने वर्ष 1995 से 2005 तक मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और राजद सरकार में खाद एवं आपूर्ति विभाग के राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली थी। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने जनसरोकारों और सामाजिक मुद्दों को मजबूती से उठाकर अलग पहचान बनाई। राजनीतिक सफर में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के टिकट पर अरवल जिले के कुर्था विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ का एहसास कराया था। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बना ली थी और पार्टी द्वारा टिकट दिए जाने के प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया था।

बागी कुमार वर्मा चर्चित समाजवादी नेता उपेंद्रनाथ वर्मा के पुत्र थे। समाजवादी विचारधारा से प्रभावित वर्मा ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कई दलों के साथ काम किया और समय-समय पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से भी उनका जुड़ाव रहा। क्षेत्र की जनता उन्हें सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और गरीबों की आवाज उठाने वाले नेता के रूप में याद करती है। उनके निधन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि बागी कुमार वर्मा के निधन से बिहार के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। वहीं विभिन्न दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। बागी कुमार वर्मा के निधन से बिहार की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।

















