बक्सर, 08 मई (विक्रांत) डी.के. कॉलेज डुमरांव के सभागार में गुरुवार को मनोविज्ञान विभाग की ओर से मानसिक स्वास्थ्य और तनाव जैसे गंभीर विषय पर भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डा. पांडेय ए.के. अरुण ने हिस्सा लिया। संगोष्ठी में छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों की भारी उपस्थिति रही।कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. पांडेय के साथ कॉलेज की प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी, वरीय प्रोफेसर उषा सिंह और सीनेट सदस्य डा. विनोद सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर प्राचार्या प्रो. वीणा कुमारी ने मुख्य वक्ता को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अपने स्वागत भाषण में प्राचार्या ने कहा कि कॉलेज के लिए यह गौरव की बात है कि देश के प्रसिद्ध अभिप्रेरक डॉ. पांडेय ने विद्यार्थियों और कर्मियों के हित में मानसिक तनाव, अवसाद और अफवाह जैसी समस्याओं पर मार्गदर्शन देने के लिए अपना बहुमूल्य समय दिया। दो सत्रों में आयोजित इस संगोष्ठी में डॉ. पांडेय ने तनाव और अवसाद के कारणों तथा उनसे बचने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लक्ष्य पाने वाले व्यक्ति के जीवन में तनाव होना स्वाभाविक है, लेकिन सही जीवनशैली और सकारात्मक सोच से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि “क्रोध से भी अधिक खतरनाक घृणा होती है। सच्चे मन से कर्म करते रहिए, स्वास्थ्य का ख्याल रखिए और अपनी आदतों व शौक को बेहतर बनाइए, तभी तनाव से बचा जा सकता है।” कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने मानसिक तनाव और भविष्य को लेकर कई सवाल पूछे। डॉ. पांडेय ने काउंसिलिंग करते हुए छात्रों को व्यवहारिक उपाय बताए। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत से हुई, जबकि मंच संचालन मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डा. मनोज कुमार सिंह ने किया।


















