पटना, 04 मई (पटना डेस्क) बिहार में औद्योगिक क्रांति की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। लखीसराय जिले को ‘इंडस्ट्री हब’ बनाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सात निश्चय पार्ट-3 के तहत उद्योग विभाग ने जिले में 562 एकड़ भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा है, जिससे यहां बड़े पैमाने पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा सके।सूत्रों के अनुसार, पूर्व जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र की पहल पर इस योजना को गति मिली। उन्होंने उद्योग विभाग के सचिव को पत्र लिखकर जिले के औद्योगिक विकास का रोडमैप तैयार कराया।

इसके बाद बियाडा की टीम ने चयनित स्थलों का निरीक्षण भी कर लिया है, हालांकि अंतिम मंजूरी अब भी सरकार स्तर पर लंबित है।चयनित भूमि में हलसी प्रखंड की प्रतापपुर पंचायत में 62 एकड़, सूर्यगढ़ा प्रखंड की चौरा राजपुर पंचायत के मौजा रामचंद्रपुर में 200 एकड़ और बरियारपुर पंचायत के मौजा विशनपुर में 200 एकड़ जमीन शामिल है। इन क्षेत्रों में गैरमजरूआ आम और रैयती भूमि को अधिग्रहित कर औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है।फिलहाल लखीसराय बियाडा क्षेत्र में 23 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं, जिनमें 21 चालू हैं और इनमें से 20 राइस मिल हैं।

इसके अलावा जिले में करीब 700 लघु एवं कुटीर उद्योग भी पंजीकृत हैं, जो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जिले में कृषि आधारित उद्योगों की अपार संभावनाएं हैं। मशरूम उत्पादन, अंडा उत्पादन, दलहन-तिलहन, चावल, मक्का और टमाटर आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स यहां तेजी से विकसित हो सकती हैं। साथ ही पर्यटन और आईटी सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं जताई जा रही हैं। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक रूपेश कुमार झा ने बताया कि सरकार से स्वीकृति मिलते ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।













