पटना, 04 मई (पटना डेस्क) भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। भारी वाहनों को अब मुंगेर पुल के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे दूरी और समय दोनों बढ़ गए हैं। इधर, खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी गंगा घाट पर यात्रियों का दबाव अचानक कई गुना बढ़ गया है। दशकों से यह घाट गंगा पार करने का प्रमुख विकल्प रहा है, जहां से यात्री सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम पहुंचते हैं और फिर सड़क मार्ग से भागलपुर की ओर जाते हैं।

विक्रमशिला सेतु के प्रभावित होने के बाद अब हजारों यात्री मजबूरी में नाव फेरी सेवा का सहारा ले रहे हैं। फिलहाल यह सेवा निजी हाथों में संचालित है और केवल दो बड़ी नावें ही चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ के चलते अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। न तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही बैठने या छाया की व्यवस्था। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया है। परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि घाट पर भीड़ नियंत्रण के लिए दारोगा सुशील कुमार पांडे को पुलिस बल के साथ तैनात किया गया है। साथ ही मजिस्ट्रेट की भी नियुक्ति की गई है, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके। फिलहाल लोगों की निगाहें प्रशासनिक फैसलों पर टिकी हैं, ताकि इस संकट से जल्द राहत मिल सके।













