पटना, 04 मई (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। नवगठित सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं और राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान इस मेगा इवेंट का गवाह बनने जा रहा है। 6 मई को शपथ ग्रहण समारोह होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार दोपहर दिल्ली दौरे से पटना लौट आए, जहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात की।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री फाइनल सूची के साथ लौटे हैं और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है। इधर, गांधी मैदान में शपथ ग्रहण को लेकर मंच निर्माण का काम जोर-शोर से शुरू हो चुका है। बांस-बल्लों से विशाल ढांचा तैयार किया जा रहा है और बड़ी संख्या में मजदूर दिन-रात जुटे हैं। आयोजन को भव्य बनाने के लिए विशाल हैंगर और आकर्षक मंच का निर्माण किया जा रहा है। सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मैदान को आम लोगों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और चारों ओर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना ने राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। साथ ही एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई दिग्गज नेताओं के भी पहुंचने के आसार हैं। मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय संतुलन, अनुभव और नए चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिल सकता है, वहीं महिलाओं को भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिए जाने की चर्चा है। 6 मई की शाम 5 बजे कैबिनेट बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें नए मंत्रियों के साथ पहली बैठक होने की उम्मीद है। यह आयोजन सिर्फ कैबिनेट विस्तार नहीं, बल्कि बिहार में नई सरकार के ताकतवर आगाज और राजनीतिक संदेश का बड़ा मंच माना जा रहा है।













