गोरखपुर, 28 अप्रैल (अंकित यादव) आम लोगों को राहत और शहर के सुनियोजित विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास नियमावली-2026 लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत छोटे मकानों और छोटी दुकानों के लिए विकास शुल्क में भारी कटौती की गई है, जिससे अब निर्धारित शुल्क का केवल आधा ही देना होगा। नई नियमावली का सबसे बड़ा असर गोरखपुर में देखने को मिलेगा, जहां विकास शुल्क 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और घर बनाना पहले से कहीं अधिक सस्ता हो जाएगा।

सरकार के इस कदम से न सिर्फ आवासीय निर्माण लागत घटेगी, बल्कि फ्लैट और प्लॉट की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति लोगों को वैध तरीके से नक्शा पास कराकर निर्माण करने के लिए प्रेरित करेगी, जिससे अवैध निर्माण पर भी रोक लगेगी।नियमावली के तहत विभिन्न श्रेणियों में विकास शुल्क में उल्लेखनीय छूट दी गई है। निकाय सीमा के भीतर आवासीय भूखंडों पर 50 फीसदी तक की कटौती की गई है। वहीं, ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को निकाय सीमा के बाहर 28 फीसदी तक राहत दी गई है, जिससे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिलेगा। छोटे व्यापारियों के लिए भी सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है।

30 वर्ग मीटर तक की दुकानों पर 60 फीसदी तक शुल्क कम किया गया है, जिससे बाजारों में नई दुकानों के खुलने की संभावनाएं बढ़ेंगी और स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शहरी इलाकों में 45 फीसदी और निकाय सीमा के बाहर 60 फीसदी तक शुल्क में कमी की गई है। इसके अलावा कृषि भूमि पर भी राहत देते हुए निकाय के अंदर 34 फीसदी और बाहर 38 फीसदी तक शुल्क घटाया गया है।सरकार का कहना है कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य नियोजित शहरीकरण को बढ़ावा देना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। विकास शुल्क से मिलने वाली आय का उपयोग सड़क, पानी, सीवर और अन्य जरूरी सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।विशेषज्ञों के अनुसार, यह नियमावली गोरखपुर को एक आधुनिक और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर को भी नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की पूरी संभावना है।

















