नई दिल्ली, 25 अप्रैल (अशोक “अश्क) लंबे समय से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव और टकराव के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत मिलने लगे हैं। ईरान ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कमर्शियल उड़ानों को फिर से शुरू कर दिया है, जिसे वैश्विक स्तर पर राहत भरी खबर माना जा रहा है। राजधानी तेहरान स्थित इमाम खोमेनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शनिवार को दो महीने के लंबे अंतराल के बाद नियमित उड़ानें संचालित की गईं।

सरकारी मीडिया के अनुसार, पहली उड़ानें इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए रवाना हुई। यह फैसला हाल ही में लागू हुए सीजफायर के बाद लिया गया है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान धीरे-धीरे अपने एयरस्पेस को खोलते हुए सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। हालांकि, जमीनी हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। खासकर ऊर्जा और आर्थिक सेक्टर पर तनाव का असर साफ देखा जा रहा है।स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में जारी तनाव के चलते वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।

यही वजह है कि सीजफायर के बावजूद आर्थिक दबाव कम नहीं हुआ है। इस बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आरागची ने इस्लामाबाद पहुंचकर पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत की। पाकिस्तान एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका में नजर आ रहा है। दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भी बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए स्टीव विट्कॉफ और जेरेड कुशनेर को पाकिस्तान भेजने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ईरान की ओर से कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, हालांकि सीधी बातचीत अभी भी दूर की बात है।


















