गुवाहाटी, 16 अप्रैल (सेंट्रल डेस्क) देश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “पागल व्यक्ति” तक कह दिया। यह बयान उस समय आया जब राहुल गांधी ने सरमा पर सत्ता के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे।ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे सरमा ने मीडिया से बातचीत में पलटवार करते हुए कहा कि उनके और उनके परिवार के पास किसी भी तरह का “गोल्डन वीजा” नहीं है।

उन्होंने आरोपों को पूरी तरह झूठा करार देते हुए राहुल गांधी को खुली चुनौती दी कि वे अपना पासपोर्ट सार्वजनिक करें।सरमा ने कहा, “राहुल गांधी अपना पासपोर्ट मीडिया के सामने रखें, मैं भी अपने और अपने परिवार के पासपोर्ट दिखाऊंगा। देश को पता चलना चाहिए कि कौन कहां यात्रा करता है।” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी “भगवान नहीं हैं” और उनसे भी सवाल पूछे जा सकते हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरमा की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेशों में संपत्तियां हैं, जिन्हें चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया।

हालांकि, सरमा परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा खेड़ा को दी गई अग्रिम जमानत पर टिप्पणी करते हुए सरमा ने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन उनके अनुसार संबंधित राज्य का निवासी न होने पर ट्रांजिट जमानत देना उचित नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि कानून अपना काम करेगा।राजनीतिक बयानबाजी के बीच सरमा ने सोशल मीडिया पर असमिया नव वर्ष के मौके पर देश और राज्य की शांति व प्रगति के लिए प्रार्थना करने की बात भी साझा की।

फिलहाल, सरमा और राहुल गांधी के बीच यह जुबानी जंग थमने के आसार नहीं दिख रहे हैं, जिससे सियासी माहौल और गरमाने की संभावना है।














