पटना, 16 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के शपथ लेते ही सियासी संग्राम तेज हो गया है। शपथ ग्रहण समारोह खत्म होने के कुछ ही देर बाद विपक्ष ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तेजस्वी यादव ने जहां बधाई के बहाने तीखा हमला बोला, वहीं राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर नए मुख्यमंत्री की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जिसमें शपथ के दौरान सम्राट चौधरी कुछ शब्दों का सही उच्चारण नहीं कर पाए।

राष्ट्रीय जनता दल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ‘अक्षुण्ण’, ‘सम्यक’ और ‘संसूचित’ जैसे शब्दों को पढ़ने में अटकते नजर आए। पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जो नेता दूसरों की शिक्षा और क्षमता पर सवाल उठाते थे, आज खुद उसी कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए।वहीं कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। कांग्रेस ने वीडियो पोस्ट करते हुए सवाल किया, “जब शपथ पढ़ने में यह स्थिति है, तो बिहार कैसे चलेगा?”

पार्टी का कहना है कि राज्य की जटिल नीतियों और प्रशासनिक फाइलों को समझने के लिए स्पष्टता और दक्षता जरूरी है, जो इस घटना से संदेह के घेरे में आ गई है। तेजस्वी यादव ने अपने बयान में राजनीतिक तंज कसते हुए सम्राट चौधरी को “सेलेक्टेड मुख्यमंत्री” बताया। उन्होंने कहा कि चौधरी ने निर्वाचित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हटाने की अपनी प्रतिज्ञा तो पूरी कर ली, लेकिन अब उनकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।

तेजस्वी ने यह भी चेतावनी दी कि नए मुख्यमंत्री को बिहार के स्वाभिमान से समझौता नहीं करना चाहिए।पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर सत्ता पक्ष इस मुद्दे को तूल न देने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष इसे नेतृत्व की योग्यता से जोड़कर बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है। साफ है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य की सियासत और भी गरमा गई है।














