समस्तीपुर, 02 अप्रैल (समस्तीपुर डेस्क) गर्मियों के मौसम में शरीर का तापमान और पाचन तंत्र दोनों संतुलित रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में खानपान में छोटी सी लापरवाही भी गैस, एसिडिटी और भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ा सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गेहूं की तासीर गर्म होती है, इसलिए तेज गर्मी में इसका अधिक सेवन शरीर पर भारी पड़ सकता है।

दरअसल, गर्मियों में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, जिससे गेहूं की रोटी खाने के बाद पेट भारी लगना, अपच और गैस जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद और पोषण विज्ञान दोनों ही इस मौसम में ठंडी तासीर वाले अनाज अपनाने की सलाह देते हैं। ज्वार की रोटी इस मौसम में सबसे बेहतर विकल्प मानी जाती है। यह ग्लूटेन-फ्री होती है और फाइबर से भरपूर होने के कारण पाचन को दुरुस्त रखती है। वहीं, चावल के आटे की रोटी शरीर को ठंडक देती है और आसानी से पच जाती है।जौ की रोटी भी गर्मी में काफी फायदेमंद मानी जाती है।

यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के साथ-साथ कब्ज और गैस से राहत दिलाती है। दूसरी ओर, रागी की रोटी पोषक तत्वों से भरपूर होती है और शरीर को हल्का व ऊर्जावान बनाए रखती है। हालांकि गेहूं की रोटी पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। इसे दही या पानी वाली सब्जियों के साथ सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। वहीं मल्टीग्रेन रोटी भी एक अच्छा विकल्प है, जो शरीर को पोषण देने के साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखती है।
((डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामान्य जानकारी पर आधारित है. Royal India News इसकी पुष्टि नहीं करता, कोई भी फैसला लेने से पहले किसी न्यूट्रीशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.)















