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खीरे की खेती ने बदली किस्मत, ढाई बीघा में किसान कमा रहा हजारों का मुनाफा

बाराबंकी, 02 अप्रैल ( धीरू यादव) सहेलियां गांव के प्रदीप कुमार ने पारंपरिक खेती छोड़कर खीरे की फसल से कमाई का नया मॉडल पेश किया है। ढाई बीघा में अगेती खीरे की खेती कर वे एक फसल में 60 से 70 हजार रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।

किसान के अनुसार, एक बीघा में खीरे की खेती पर 10 से 15 हजार रुपये की लागत आती है, लेकिन गर्मियों में मांग बढ़ने से बाजार में अच्छे दाम मिल जाते हैं। यही वजह है कि यह खेती अब फायदे का सौदा साबित हो रही है। खेती में आधुनिक मल्चिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और फसल में रोग का खतरा कम हो जाता है।

पहले खेत की अच्छी तरह जुताई कर मेड बनाई जाती है, फिर उस पर पन्नी बिछाकर बीज लगाए जाते हैं। करीब दो महीने में फसल तैयार हो जाती है और तुड़ाई शुरू हो जाती है। इसके बाद 2 से 3 महीने तक लगातार उत्पादन मिलता रहता है, जिससे आमदनी में स्थिरता बनी रहती है। स्थानीय किसान अब इस मॉडल को अपनाने लगे हैं, जिससे क्षेत्र में खेती का रुख तेजी से बदल रहा है।

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