पटना, 06 नवंबर (अविनाश कुमार) बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का शुक्रवार को बड़ा एक्शन देखने को मिला। पटना और भोजपुर जिले में अलग-अलग मुठभेड़ों के दौरान तीन संदिग्ध अपराधी मारे गए, जबकि एक अन्य संदिग्ध शूटर गोली लगने से घायल हो गया। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर इलाके में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त टीम अपराध नियंत्रण अभियान के तहत गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कई आपराधिक वारदातों में शामिल अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए गोलियां चलाईं। मुठभेड़ में तीन अपराधी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस ने 18 गोलियां चलाईं, जबकि अपराधियों की ओर से 24 से अधिक राउंड फायरिंग की गई। एक गोली मनेर थानाध्यक्ष की वर्दी को छूकर निकल गई। घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए गए हैं। तीनों मृतकों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे दानापुर, शाहपुर समेत कई थानों के मामलों में वांछित थे। अष्टमी के दिन मनेर में हुई हत्या में भी उनकी संलिप्तता सामने आई थी। शवों का वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उधर, भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सारंगपुर गांव के पास शुक्रवार तड़के पुलिस और संदिग्ध शूटर पवन यादव के बीच मुठभेड़ हो गई।

वह सेवानिवृत्त सीमा शुल्क अधिकारी राम कुमार सिंह की हत्या में वांछित था। पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए ले गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चलाकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को आरा में जैन कॉलेज के पूर्वी द्वार के पास तीन नकाबपोश हमलावरों ने राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह सीमा शुल्क विभाग के पूर्व सहायक आयुक्त थे। भोजपुर एसपी अवधेश दीक्षित ने घटना की पुष्टि की है।












