बक्सर, 30 अक्टूबर (विक्रांत) सरकार की कथित वादाखिलाफी और लंबित मांगों को लेकर सफाईकर्मियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। शुक्रवार को नगर परिषद डुमरांव कार्यालय का सैकड़ों सफाईकर्मियों ने घेराव कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि दो नवंबर तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो तीन नवंबर से पूरे बिहार में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

इससे राज्यभर के नगर निकायों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है। सफाईकर्मियों का यह आंदोलन जुलाई-अगस्त महीने में हुई राज्यस्तरीय आठ दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार के साथ हुए समझौते को अब तक लागू नहीं किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया। इसी आंदोलन के तहत शुक्रवार को प्रदेश के विभिन्न नगर निकाय कार्यालयों का घेराव किया गया।घेराव कार्यक्रम की शुरुआत हाल ही में दिवंगत हुए सफाईकर्मी साथी स्व. कुटकुट डोम को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।
उपस्थित सफाईकर्मियों और नेताओं ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।यह कार्यक्रम बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ एवं बिहार लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित किया गया। इस दौरान महासंघ के डुमरांव नगर सचिव शिवशंकर तिवारी, कोषाध्यक्ष श्रीभगवान पासवान, युवा माले नेता सर्वेश कुमार पाण्डेय और फेडरेशन के नेता ओमप्रकाश यादव ने आंदोलन का समर्थन किया।

नेताओं ने कहा कि सरकार सफाईकर्मियों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। नगर परिषद स्तर पर भी अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने ईपीएफ और ईएसआई कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर घोटाला होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की।नेताओं ने दो टूक कहा कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। दो नवंबर तक ठोस निर्णय नहीं हुआ तो तीन नवंबर से आर-पार की लड़ाई शुरू होगी।

मांगें पूरी होने तक बिहार के सभी नगर निकायों में सफाई कार्य पूरी तरह बंद रखा जाएगा।प्रदर्शन में दीपक बास्फोर, मिथिलेश राम, किस्मत यादव, पिंटू बास्फोर, मुन्नी देवी समेत सैकड़ों सफाईकर्मी शामिल रहे।














