समस्तीपुर, 18 अक्टूबर (हर्षिता “अश्क”) जिले में विकास की रफ्तार को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद होने लगी है। बंद पड़ी समस्तीपुर चीनी मिल को चालू कराने और भोला टॉकीज रेल गुमटी पर वर्षों से अधूरे पड़े ओवरब्रिज निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग को लेकर जिला विकास संघर्ष मोर्चा एवं रेल विस्तार-विकास मंच ने मोर्चा खोल दिया है। दोनों मंचों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी एवं डीआरएम को अलग-अलग आवेदन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 25 अक्टूबर को भोला टॉकीज रेल गुमटी पर पदयात्रा आंदोलन किया जाएगा।प्रतिनिधिमंडल में शत्रुघ्न राय पंजी, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, विश्वनाथ सिंह हजारी, शाहीद हुसैन एवं रघुनाथ राय शामिल थे।

नेताओं ने कहा कि समस्तीपुर की चीनी मिल कभी बिहार की प्रमुख चीनी मिलों में शामिल थी, लेकिन लंबे समय से बंद रहने के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों की उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। राज्य के अन्य जिलों में बंद चीनी मिलों को दोबारा चालू करने की कवायद शुरू हो चुकी है, जबकि समस्तीपुर चीनी मिल के मामले में अब तक ठोस पहल नजर नहीं आ रही है।नेताओं का दावा है कि सरकार द्वारा बंद चीनी मिलों को चालू करने के लिए तैयार सूची में समस्तीपुर चीनी मिल का नाम भी शामिल है। ऐसे में उन्होंने सरकार और प्रशासन से मिल को पुनः चालू कराने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

उनका कहना है कि मिल खुलने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। इधर, रेल विस्तार-विकास मंच ने भोला टॉकीज रेल गुमटी पर बंद पड़े ओवरब्रिज निर्माण को लेकर नाराजगी जताई। नेताओं ने कहा कि निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू हुआ था, लेकिन अचानक काम ठप हो जाने से आम लोगों, राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। रास्ता अवरुद्ध रहने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। मंच ने ओवरब्रिज निर्माण तत्काल शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराने की मांग की। दोनों मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 25 अक्टूबर को सड़क पर उतरकर पदयात्रा के जरिए आंदोलन तेज करने का ऐलान किया गया है।
















