बेतिया, 06 (विनय कुमार गुप्ता) दशकों से बंद पड़ी चनपटिया चीनी मिल को लेकर अब बड़ी हलचल शुरू हो गई है। बिहार सरकार ने इस ऐतिहासिक मिल को दोबारा चालू करने की दिबशा में कदम तेज कर दिए हैं। गन्ना उद्योग विभाग की ओर से जारी ताजा संकेतों ने इलाके के किसानों और बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगा दी है।सहायक ईंख आयुक्त वेदव्रत कुमार ने बताया कि राज्य सरकार सात निश्चय-3 योजना के तहत बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार और नई इकाइयों की स्थापना पर गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए मुख्य सचिव स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो पूरी कार्ययोजना तैयार कर रही है।

सरकार की योजना है कि राज्य की सभी बंद मिलों को चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाए। इसके साथ ही सहकारिता विभाग के माध्यम से मिलों की व्यवहार्यता का आकलन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। गौरतलब है कि चनपटिया चीनी मिल, जो कभी ब्रिटिश इंडिया कॉर्पोरेशन समूह से जुड़ी थी, वर्ष 1994-95 से बंद पड़ी है। वर्तमान में इस मिल से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने पुनरुद्धार की दिशा में पहल जारी रखी है।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी निवेशक चीनी मिल या गन्ना आधारित उद्योग लगाने में रुचि दिखाता है, तो उसे हर संभव सरकारी सहयोग दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गन्ना किसानों को मिलने की उम्मीद है। मिल चालू होने से उन्हें अपनी फसल का बेहतर मूल्य और समय पर भुगतान मिल सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय विधायक अभिषेक रंजन की पहल पर विभाग ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी है। अब लोगों की नजर सरकार के अगले ठोस कदम पर टिकी है, जिससे वर्षों से बंद पड़ी यह मिल फिर से चालू हो सके।















