बक्सर, 30 जून (विक्रांत) बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की शाखा डुमरांव के बैनर तले मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने तीन सूत्री राज्य स्तरीय एवं दस सूत्री स्थानीय मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी को सौंपते हुए 29 जुलाई 2026 तक मांगें पूरी करने की चेतावनी दी। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि समयसीमा तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो 30 जुलाई से राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

नगर इकाई के सचिव कॉमरेड शिव शंकर तिवारी ने कहा कि सरकार वर्षों से स्थायी, दैनिक वेतनभोगी, संविदा, आउटसोर्सिंग और ठेका कर्मियों की समस्याओं की अनदेखी करती रही है। कई दौर की वार्ताओं और बार-बार मांग उठाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं, लेकिन किसी भी प्रमुख मांग पर आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेका प्रथा के कारण श्रमिकों का लगातार आर्थिक शोषण हो रहा है। उनका कहना था कि अधिकारी और नेता मिलकर ठेका व्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं, जबकि मजदूरों को न्यूनतम अधिकार भी नहीं मिल पा रहे।

उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए संवाद स्थापित करने और उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया जा चुका है, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। महासंघ की प्रमुख मांगों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं अन्य अस्थायी कर्मियों का नियमितीकरण, ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा देना तथा राज्य कर्मियों की तर्ज पर एसीपी/एमएसीपी योजना का लाभ और बकाया राशि का भुगतान शामिल है।प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष कॉमरेड श्रीभगवान पासवान, भाकपा (माले) के नगर सचिव कॉमरेड कृष्णा राम, सर्वेश कुमार पांडेय, बाबूलाल राम, शैलेन्द्र पासवान, जाबिर कुरैशी, दीपक बस्फोर, रिंकू राम समेत बड़ी संख्या में सफाईकर्मी और कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो पूरे बिहार के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों की सेवाएं हड़ताल से प्रभावित होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और विभागीय प्रशासन की होगी।















