पटना, 20 सितम्बर (पटना डेस्क) भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी और अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एसएसबी की 56वीं वाहिनी को बड़ी सफलता मिली है। अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड के बसमतिया थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात गश्ती के दौरान जवानों ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार कर उसके पास से 1 लाख 5 हजार 100 नेपाली रुपये और 3,100 भारतीय रुपये बरामद किए। कार्रवाई के बाद सीमा क्षेत्र में अवैध मुद्रा के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। गिरफ्तार युवक की पहचान बसमतिया थाना क्षेत्र के बेला वार्ड संख्या छह निवासी मोनू कुमार के रूप में हुई है। एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, जवानों को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमा क्षेत्र के रास्ते नेपाली और भारतीय मुद्रा की खेप अवैध रूप से ले जाने की तैयारी है।

सूचना के बाद सीमा क्षेत्र में निगरानी और गश्ती बढ़ा दी गई।शनिवार रात विशेष गश्ती दल बेला वार्ड संख्या सात के समीप तैनात था। इसी दौरान भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 198/2 से करीब 20 मीटर भारतीय क्षेत्र के अंदर एक युवक संदिग्ध स्थिति में आता-जाता दिखाई दिया। जवानों ने उसे रुकने का संकेत दिया तो वह घबरा गया। संदेह होने पर उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान युवक के बैग और जेब से नेपाली और भारतीय मुद्रा बरामद हुई। बरामद रकम के वैध स्रोत और सीमा पार आवागमन से संबंधित कागजात के बारे में पूछताछ करने पर वह संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद एसएसबी ने नकदी जब्त कर युवक को गिरफ्तार कर लिया।

कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एसएसबी ने गिरफ्तार युवक मोनू कुमार और बरामद मुद्रा को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए फारबिसगंज कस्टम विभाग के हवाले कर दिया। अब कस्टम विभाग की टीम रकम के स्रोत, संभावित गंतव्य और पूरे मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की जांच कर रही है। भारत-नेपाल सीमा का बेला क्षेत्र तस्करी की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। खुली सीमा का फायदा उठाकर नकदी और अन्य सामान की अवैध आवाजाही की आशंका बनी रहती है। एसएसबी की लगातार निगरानी और रात्रि गश्ती के बीच हुई इस कार्रवाई से सीमा सुरक्षा व्यवस्था की सक्रियता सामने आई है। मामले में आगे की जांच के बाद ही नकदी के वास्तविक स्रोत और संभावित नेटवर्क की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
















