पटना, 11 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की सियासत में शनिवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री आवास से सामान बाहर निकलते देखा गया। नीतीश कुमार के आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग से ट्रैक्टर-ट्रॉली में सामान लादकर सात सर्कुलर रोड स्थित बंगले में शिफ्ट किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने साफ संकेत दे दिया है कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे की घड़ी अब दूर नहीं है।हालांकि, नीतीश कुमार ने अब तक औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया है, लेकिन दोपहर में शुरू हुई इस हलचल ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

जिस सात सर्कुलर रोड स्थित बंगले में सामान पहुंचाया जा रहा है, वह अब तक मुख्यमंत्री के वैकल्पिक आवास और कार्यालय के रूप में इस्तेमाल होता रहा है। अब माना जा रहा है कि सीएम हाउस छोड़ने के बाद यही उनका स्थायी ठिकाना होगा। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से इस बंगले को तेजी से तैयार किया जा रहा था। खुद नीतीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस आवास को उनके खास निर्देश पर विकसित किया गया था, जिससे यह बदलाव और भी अहम माना जा रहा है।

यह पहला मौका नहीं है जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री आवास छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। साल 2014 में भी उन्होंने पद से इस्तीफा देकर जीतन राम मांझी को सत्ता सौंपी थी और उसी दौरान अणे मार्ग छोड़कर सात सर्कुलर रोड को अपना नया ठिकाना बनाया था। करीब 12 साल बाद इतिहास एक बार फिर खुद को दोहराता नजर आ रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ आवास परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता में बड़े बदलाव का संकेत है। सत्ता हस्तांतरण की अटकलों के बीच यह घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर नीतीश कुमार कब औपचारिक रूप से इस्तीफा देते हैं और राज्य की कमान किसे सौंपी जाती है। फिलहाल, ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा रहा सामान बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की आहट दे रहा है।
















