बक्सर, 15 सितम्बर (विक्रांत) पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने रेलकर्मियों और उनके आश्रितों की विभागीय समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी कड़ी में पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिम्पी गर्ग ने मंगलवार को मुख्यालय, हाजीपुर में चार रेलकर्मियों एवं उनके आश्रितों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न विभागीय मामलों, परेशानियों और कठिनाइयों से महाप्रबंधक को अवगत कराया। महाप्रबंधक ने प्रत्येक रेलकर्मी और उनके आश्रित की बात गंभीरता से सुनी। इसके बाद संबंधित शिकायतों और मामलों की स्थिति को लेकर अधिकारियों से आवश्यक जानकारी भी ली। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

महाप्रबंधक ने कहा कि रेलकर्मियों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक मामले में निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।रेल प्रशासन की इस पहल को कर्मचारियों की विभागीय समस्याओं को सीधे उच्च स्तर तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। इससे कर्मचारियों को अपनी परेशानियों के लिए विभिन्न स्तरों पर भटकने के बजाय सीधे महाप्रबंधक के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है।पूर्व मध्य रेल प्रशासन के अनुसार, रेलकर्मियों और उनके आश्रितों की विभागीय समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक मंगलवार को महाप्रबंधक से मुलाकात का दिन निर्धारित किया गया है। इच्छुक रेलकर्मी अपनी समस्या के संबंध में पहले कार्मिक विभाग में अपना नाम पंजीकृत करा सकते हैं।

इसके बाद निर्धारित मंगलवार को महाप्रबंधक से मुलाकात कर अपनी समस्या सीधे उनके सामने रख सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों का समाधान केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय उसे समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील बनाना है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कर्मचारियों के मामलों में नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी हो।महाप्रबंधक की इस सीधी पहल से रेलकर्मियों में उम्मीद जगी है कि विभागीय समस्याओं के निपटारे में अब अनावश्यक विलंब पर प्रभावी अंकुश लगेगा। प्रशासन का जोर शिकायत सुनने के साथ-साथ उसके त्वरित और परिणामदायी समाधान पर है।


















