नई दिल्ली, 19 अप्रैल (अशोक “अश्क”) देश की राजधानी नई दिल्ली को अस्थिर करने की एक बड़ी आतंकी साजिश को पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए कथित ‘गजवा-ए-हिंद’ मॉड्यूल का पर्दाफाश किया और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में कटिहार निवासी मोहम्मद सोहेल भी शामिल है, जो पेशे से प्लंबर बताया जा रहा है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर रहा था और बड़े आतंकी हमले की तैयारी में जुटा था। खुलासा हुआ है कि आरोपी रिमोट कंट्रोल से संचालित आईईडी बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। इसके लिए खिलौना कारों के सर्किट का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों में दूर से विस्फोट किया जा सके।जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लाल किला और इंडिया गेट जैसे संवेदनशील स्थलों की रेकी कर चुके थे।

भुवनेश्वर से पकड़े गए शेख इमरान ने दिसंबर 2025 में दिल्ली का दौरा कर इन जगहों की निगरानी की थी।मुख्य आरोपी सोहेल पर आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर गुप्त ग्रुप बनाकर युवाओं का ब्रेनवॉश करता था और उन्हें स्लीपर सेल में शामिल करता था। इतना ही नहीं, उसने हथियार और विस्फोटक जुटाने के लिए क्राउडफंडिंग भी शुरू कर दी थी और अपने बैंक विवरण तथा क्यूआर कोड साझा किए थे। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में ठाणे से मूसाहिब अहमद, मुंबई से मोहम्मद हम्माद और भुवनेश्वर से शेख इमरान शामिल हैं।

ये सभी एक एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर बने क्लोज्ड ग्रुप के सदस्य थे, जहां जिहाद और तथाकथित खिलाफत जैसे विषयों पर चर्चा होती थी। इस कार्रवाई के बाद कटिहार समेत कई इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल और डिजिटल डाटा की फॉरेंसिक जांच में कई अहम सुराग मिले हैं। फिलहाल इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
















