नालंदा, 20 जून (अविनाश पांडेय) राजगीर थाना क्षेत्र में दर्ज चर्चित मॉब लिंचिंग मामले के अनुसंधान में नालंदा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण के आधार पर तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में पहले एक आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी थी।

इसके बाद जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो फुटेज, वायरल क्लिप और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान की गई। गिरफ्तार आरोपियों में सन्टू राम (28 वर्ष), ग्राम डुमरी थाना सिलाव, विवेक प्रसाद (36 वर्ष), ग्राम मेयार थाना छबिलापुर तथा मनीष कुमार (32 वर्ष), ग्राम रजौरा थाना बरबीघा, जिला शेखपुरा शामिल हैं।नालंदा पुलिस का कहना है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल अन्य 3 से 4 लोगों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस जघन्य घटना में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। सभी आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।इधर, नालंदा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि घटना से संबंधित मारपीट के वीडियो अथवा अन्य संवेदनशील सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा या वायरल न करें। पुलिस की सोशल मीडिया सेल विभिन्न प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रख रही है और आपत्तिजनक वीडियो को हटाने (टेकडाउन) की कार्रवाई भी की जा रही है।पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। एसआईटी शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है। साथ ही मामले में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है।















