बक्सर, 10 सितम्बर (विक्रांत) कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियांव गांव में गुरुवार को मिठाई खाने के बाद एक ही परिवार के नौ लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद आनन-फानन में अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिस दुकान से मिठाई खरीदी गई थी, उसे जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया गया। जानकारी के अनुसार अरियांव निवासी धनेश्वर सिंह बुधवार शाम डुमरांव के एक निजी प्रतिष्ठान से करीब दो किलो मिठाई खरीदकर घर लाए थे। इसमें एक किलो क्रीम मिठाई और एक किलो कलाजामुन शामिल था।

बताया गया कि उनके रिश्तेदार संदीप कुमार सिंह, निवासी इमिलिया, रामगढ़ के घर पुत्र जन्म की खुशी में मिठाई खरीदी गई थी। गुरुवार सुबह धनेश्वर सिंह की मां गिरजा देवी ने पाटीदारों के बीच मिठाई बांटी। मिठाई खाने के कुछ देर बाद एक-एक कर लोगों को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते नौ लोगों की हालत बिगड़ गई। बीमारों में अंजलि सिंह, प्रियंका सिंह, रेयांश, प्रीति सिंह, अनिल कुमार सिंह, प्रीति कुमारी, गीता देवी, लालबाबू सिंह और रीना देवी शामिल हैं। सभी का अस्पताल में उपचार कराया गया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम राजीव कुमार और डीसीएलआर टेश लाल सिंह अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल जाना।

इसके बाद एसडीएम संबंधित मिठाई दुकान पर पहुंचे। जांच के दौरान साफ-सफाई और हाइजीन में लापरवाही मिलने की बात सामने आई। दुकान संचालक फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया का लाइसेंस भी प्रस्तुत नहीं कर सका। एसडीएम ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे को मिठाई का सैंपल लेकर जांच के लिए पटना भेजने का निर्देश दिया। रिपोर्ट आने तक प्रजापति मिष्ठान भंडार को सील कर दिया गया। अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के मौजूद नहीं रहने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। बाद में टेक्नीशियन को बुलाकर सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लेने का निर्देश दिया गया।

अस्पताल में प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शिव कुमार चौधरी, डॉ. लोकेश कुमार और डॉ. अजय कुमार सिंह समेत चिकित्सा टीम मौजूद रही। एसडीएम ने कहा कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।














