पटना, 17 सितम्बर (पटना डेस्क) केरल से भागलपुर पहुंचकर छिपे अंतरराज्यीय मादक पदार्थ गिरोह के तीन शातिर तस्करों की गिरफ्तारी के बाद सिंथेटिक ड्रग तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। इंस्पेक्टर संगीत पुनाथिल के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची केरल पुलिस की एसआईटी ने तकनीकी सर्विलांस और पूछताछ के आधार पर मुहम्मद हैरिस, सलाहउद्दीन और अखिल जॉय को 13 सितंबर को गिरफ्तार किया। जांच में तीनों के प्रयोगशाला में तैयार घातक सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए की तस्करी से जुड़े होने की बात सामने आई है। केरल एसआईटी के अनुसार, गिरोह केरल से ड्रग की खेप भागलपुर लाकर गुप्त ठिकानों पर रखता था। इसके बाद पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के विभिन्न शहरों में इसकी आपूर्ति की जाती थी। कोलकाता और दिल्ली में सक्रिय नाइजीरियन तथा अफ्रीकी एजेंट भी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप से व्हाट्सऐप चैट, सप्लाई रूट और विदेशी एजेंटों के संपर्क नंबर मिले हैं।

इसके आधार पर दिल्ली और कोलकाता में छापेमारी की तैयारी की जा रही है।एसआईटी के मुताबिक, 26 जून और छह अगस्त को केरल में 780 ग्राम एमडीएमए की बरामदगी और सात तस्करों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हुई थी। इस दौरान गिरोह का सूत्रधार हैरिस फरार होकर पश्चिम बंगाल पहुंचा और पुलिस दबिश बढ़ने पर भागलपुर आ गया। उसका साझीदार सलाहउद्दीन भी यहां पहुंच गया, जबकि अखिल जॉय पहले से मौजूद था। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी के आधार पर तीनों पकड़े गए। जांच में छह अगस्त को केरल के मंजेरी-कोझिकोड रोड स्थित लैडर मॉल के टेरेस अपार्टमेंट के कमरे से 97.71 ग्राम सिंथेटिक ड्रग और 3.80 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई।

इसके बाद हैप्पी लॉज परिसर में खड़ी इनोवा क्रिस्टा से 12.312 किलोग्राम ड्रग्स जब्त किया गया था। मामले में हैरिस और सलाहउद्दीन को मुख्य योजनाकार बताया गया है। दोनों पर नाइजीरियन एजेंटों के माध्यम से दिल्ली और महानगरों में ड्रग पहुंचाने का आरोप है।एमडीएमए को एक्स्टसी या मॉली के नाम से भी जाना जाता है। यह रासायनिक प्रक्रिया से तैयार होने वाला प्रतिबंधित नशा है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस की जांच अब आरोपियों से जुड़े देशव्यापी और विदेशी संपर्कों तक पहुंचने में जुटी है।
















