पटना, 08 जुलाई (पटना डेस्क) रोजगार की तलाश में सहरसा से बेंगलुरु जा रहे एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद बुधवार की सुबह जब उसका शव गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। बख्तियारपुर थाना क्षेत्र की रायपुरा पंचायत अंतर्गत बलहमपुर वार्ड संख्या-3 में एंबुलेंस से शव उतरते ही परिजनों का करुण क्रंदन सुन माहौल गमगीन हो गया। जिस घर में कुछ माह बाद शहनाई गूंजने वाली थी, वहां अब मातम पसरा है। मृतक की पहचान बलहमपुर निवासी मु. कपिल आलम के बड़े पुत्र मु. जफर उर्फ बाबुल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मु. जफर गत शुक्रवार को गांव से अपने साथियों के साथ रोजी-रोटी की तलाश में बेंगलुरु के लिए रवाना हुए थे। वह सिमरीबख्तियारपुर से राज्यरानी एक्सप्रेस पकड़कर पटना पहुंचे और वहां से विशेष ट्रेन के माध्यम से बेंगलुरु जा रहे थे।

इसी दौरान रविवार को तेलंगाना के खम्मम रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय रेल पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बुधवार सुबह शव गांव पहुंचते ही मां बेटे के शव से लिपटकर बेसुध हो गईं, जबकि पिता की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दादी, बहनों और अन्य स्वजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों की भारी भीड़ मृतक के घर पर जुट गई और हर आंख नम दिखाई दी।

परिजनों ने बताया कि मु. जफर परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे और पिता का आर्थिक सहयोग करते थे। उनकी शादी अररिया जिले में तय हो चुकी थी। बीते सप्ताह ही तिलक की रस्म संपन्न हुई थी तथा दिसंबर में विवाह होना था। घर में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियां छीन लीं।ग्रामीणों ने बताया कि जफर मेहनती और मिलनसार युवक था। बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर वह घर से निकला था, लेकिन उसकी अर्थी लौट आई। घटना से पूरा गांव स्तब्ध है। स्थानीय मुखिया राजकुमार चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों ने शोक जताते हुए पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग की है।














