पटना, 13 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर जारी सस्पेंस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस फैसले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी। बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान जल्द ही पटना पहुंचकर विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगवाएंगे।

उनके अनुभव को देखते हुए यह जिम्मेदारी काफी अहम मानी जा रही है, खासकर तब जब एनडीए के सहयोगी दलों जदयू, हम और लोजपा (रामविलास) के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री पद की रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन पार्टी किसी नए चेहरे पर भी दांव खेल सकती है, जिससे सियासी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। इस बीच दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेता नितिन नवीन के बीच अहम बैठक हुई।

करीब एक घंटे चली इस बैठक में नई सरकार के गठन और पावर-शेयरिंग के फॉर्मूले पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम रणनीति तय कर ली गई है। उधर, 14 अप्रैल को नीतीश कुमार की कैबिनेट की अंतिम बैठक प्रस्तावित है। इससे पहले वे डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। अब सबकी नजर पटना की बैठक पर टिकी है, जहां बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम से पर्दा उठ सकता है।

















