पटना, 13 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि 13 अप्रैल के बाद राज्य को नया मुख्यमंत्री और नई सरकार मिल सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब नीतीश कुमार ने हाल ही में एमएलसी पद से इस्तीफा देकर संसद सदस्य के रूप में शपथ ली है।

पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद संजय झा ने कहा कि नई सरकार को औपचारिक रूप देने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय के लिए सरकार में शामिल अन्य नेताओं से चर्चा जरूरी होगी। इधर, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सक्रियता ने अटकलों को और तेज कर दिया है। उन्हें मुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। रविवार को वह भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जिससे सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।वहीं जदयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने साफ किया कि नए मुख्यमंत्री का चयन एनडीए के विधायक करेंगे, लेकिन इसमें भारतीय जनता पार्टी की भूमिका बेहद अहम होगी।

उन्होंने कहा कि भाजपा की अपनी प्रक्रिया है और उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय होगी।इस पूरे घटनाक्रम के बीच अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा पर तंज कसते हुए ‘हाई-कमांड संस्कृति’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे “बाबा” से सावधान रहना चाहिए, जो ‘पर्ची’ लेकर फैसले करते हैं। अब सबकी निगाहें 13 अप्रैल के बाद होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हैं। क्या बिहार में सत्ता परिवर्तन होगा? क्या नया चेहरा मुख्यमंत्री बनेगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।















