बक्सर, 15 मई (विक्रांत) बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर स्थित सबौर एग्री इन्क्यूबेटर्स (SABAGRIs) में कृषि स्टार्टअप्स को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में नवाचार और उद्यमिता का उत्साह देखने को मिला। बैठक में कुल 21 कृषि स्टार्टअप्स ने द्वितीय किश्त, तृतीय किश्त और एनओसी प्राप्त करने के लिए अपने कार्यों, उपलब्धियों और प्रगति रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण किया। इस दौरान कृषि क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में CCS National Institute of Agricultural Marketing तथा Ministry of Agriculture & Farmers Welfare के विशेषज्ञों और अधिकारियों की समिति मौजूद रही।

समिति ने स्टार्टअप्स द्वारा प्राप्त वित्तीय सहायता के उपयोग, व्यवसायिक प्रगति, तकनीकी नवाचार और तय लक्ष्यों की गहन समीक्षा की। विशेषज्ञों ने कृषि क्षेत्र में युवाओं द्वारा किए जा रहे नवाचारों और ग्रामीण रोजगार सृजन की दिशा में उनके प्रयासों की सराहना की।बैठक को संबोधित करते हुए बिहार कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि कृषि स्टार्टअप्स गांवों की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि SABAGRIs से जुड़े स्टार्टअप्स भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि तकनीक को आधुनिक बनाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

वहीं अनुसंधान निदेशक एवं PI, SABAGRIs डॉ. ए.के. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से स्टार्टअप्स को तकनीकी मार्गदर्शन, अनुसंधान सहयोग और व्यवसायिक परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे युवा उद्यमियों को अपने नए आइडिया को सफल व्यवसाय में बदलने का अवसर मिल रहा है। बैठक के दौरान स्टार्टअप प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और विश्वविद्यालय अधिकारियों के बीच भविष्य की रणनीति और कृषि क्षेत्र में नए अवसरों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।


















