पटना, 08 अप्रैल (अविनाश कुमार) बिहार में शस्त्र लाइसेंस को लेकर लंबे समय से चली आ रही देरी पर अब सख्ती की तलवार चल गई है। गृह विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी जिलों के डीएम और एसपी को स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि हथियारों के लाइसेंस की स्वीकृति अब निश्चित समय-सीमा के भीतर ही करनी होगी। किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गृह विभाग ने आदेश में कहा है कि शस्त्र लाइसेंस के नए आवेदन और नवीकरण दोनों मामलों में पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद आवेदक की आवश्यकता का आकलन कर समयबद्ध निर्णय लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही विभाग ने सभी जिलों से हर माह की 7 तारीख तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिससे प्रक्रिया की निगरानी की जा सके। जारी निर्देशों के तहत एक निर्धारित फॉर्मेट भी भेजा गया है, जिसमें जिलों को कुल प्राप्त आवेदन, निष्पादित आवेदन और 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की संख्या स्पष्ट रूप से बतानी होगी।

इससे यह साफ हो सकेगा कि किस जिले में लापरवाही हो रही है। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग ने आयुध नियम, 2016 के नियम 13 और 14 का कड़ाई से पालन करने का निर्देश देते हुए कहा है कि हर आवेदन का निष्पादन तय मानकों के अनुरूप किया जाए। इस नए आदेश के बाद अब आवेदकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।















